फसल उत्पादन और प्रबंधन: Fasal utpadan aur prabandhan

फसल उत्पादन और प्रबंधन
Science Chapter 10
Class 8th NCERT Solution

science class 8 chapter 10 ncert solutions


प्रश्न 1.सही विकल्प का चयन करें ?

1.राईजोबियम नामक जीवाणु किस फसल के जड़ में पाए जाने वाले ग्रंथियो में उपस्थित होते हैं ? 

A.रेशेदार फसल

B.फलीदार फसल

C.अनाज फसल

D.इनमें कोई नहीं


Ans:-फलीदार फसल


2.स्वपोषी का उदाहरण है -

A.गया

B.बकरी

C.मनुष्य

D.आम का पौधा


Ans:-आम का पौधा


3.खरीफ फसल का उदाहरण है -

A.गेहूँ

B.आलू

C.धान

D.सोयाबिन


Ans:-धान


4.जन्तुओं द्वारा प्राप्त खाद्य पदार्थ  है -

A.दाल

B.शहद

C.फल

D.चावल


Ans:-शहद


5.रेशेदार फसल है -

A.सूर्यमुखी

B.कपास

C.चना

D.गेहूँ


Ans:-कपास


6.निम्न में कौन रबी फसल है ? 

A.धान

B.मक्का

C.चना

D.इनमें से कोई नहीं


Ans:-चना
 
7.फसल से अनाजों को अलग करने की प्रक्रिया को कहा जाता है -

A.कटाई

B.ओसाई

C.दौनी

D.भंडारण


Ans:-दौनी (थ्रेशिंग) 


8.मौसम के अनुसार फसल कितने प्रकार के होते है ?

A.एक

B.दो

C.तीन

D.चार


Ans:-तीन


9.खरपतवार हटने की विधि क्या कहलाती है ? 

A.निराई

B.सिंचाई

C.दौनी

D.इनमें से कोई नहीं


Ans:-निराई


10.सिंचाई के कौन - कौन से स्रोत हैं ? 

A.जलकूप

B.नहर

C.तालाब

D.इनमें से सभी 


Ans:-इनमें से सभी 

प्रश्न 2.उचित शब्द छांटकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। 

(तैरने, जल, फसल, पोषक, तैयारी,कटाई) 

(1) एक स्थान पर एक ही प्रकार के बड़ी मात्रा में उगाए गए पौधों को              कहते हैं।
(11) फसल उगाने से पहले प्रथम चरण मिट्टी की            होती है
(111) फसल उगाने के लिए पर्याप्त सूर्य का प्रकाश एवं मिट्टी            सेतथ             आवश्यक हैं।
(1V) हार्वेस्टर मशीन द्वारा फसल की             आवश्यक है।
(V) क्षतिग्रस्त बीज जल की सतह पर             लगेंगे।

उत्तर यहाँ देखें-
(1)फसल
(11)तैयारी
(111)तैरने
(1V)पोषक,जल
(V)कटाई

प्रश्न 3.सही/गलत निशान लगाईए-

(1)दलहन फसल से कार्बोहाइड्रेट्स प्राप्त होता है।(X
(11)केंचुआ किसानों का मित्र है।(
(111)अत्यधिक उर्वरक के प्रयोग से मिट्टी की संरचना में सुधार होता है।(X
(1V)बड़े पैमानों पर अनाजों का भंडारण साईलो भंडार में किया जाता है।(
(V)कॉड मछली के यकृत से प्राप्त तेल में विटामिन 'ई' की प्रचुरता होती है।(

प्रश्न 4. कॉलम 'A' से कॉलम 'B' का सही मिलान कीजिए- 

     कॉलम A                 कॉलम B 


(1)कार्बनिक खाद         (क)सूडान घास   
(11)खरीफ फसल         (ख)पौधों तथा जन्तओं के अपशिष्टों का अपघटन
(111)खरपतवारनाशी      (ग)2,4-द
(1V)उर्वरक                 (घ)धान,मक्का
(V)रबी फसल             (ड०)NPK 
(V1)चारा फसल           (च)गेहूँ,चना,मटर

उत्तर यहाँ देखें-
(1)पौधों तथा जन्तओं के अपशिष्टों का अपघटन
(11)धान,मक्का
(111)2,4-द
(1V)NPK
(V)गेहूँ,चना,मटर
(V1)सूडान घास   

प्रश्न 5.कारण बताइए-

(1)अनाजों को भंडारण के पूर्व धूप में सुखना चाहिए। 
Ans-ताजे कटाई वाले फसल के अनाजों में 16-18 प्रतिशित तक नमी रहती है। अनाज के भंडारण के लिए नमी की मात्रा 14 प्रतिशित से कम होनी चाहिए। अत: भंडारण से पहले अनाजों को धूप में सुखाया जाता है, जिसमें ज्याजा नमी रह जाती है तो भंडारण के दौरान कीट, चूहों एवं सूक्ष्मजीवों द्वारा इसके नष्ट होने की संभावना जाती है। 

(11)केंचुआ को किसानों का मित्र कहा जाता है। 
Ans-केंचुआ किसानों का मित्र है। क्योंकि यह मिट्टी को उलट-पलटकर पोला बनाता है और ह्यूमस बनता हैं। अत: मिट्टी को उलटना-पलटना एवं पोला करना फसल उगाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

6.खरीफ फसल के दो उदाहरण लिखिए। 

Ans-खरीफ फसल के दो उदाहरण- धन एवं मक्का। 


7.रबी फसल के दो उदाहरण लिखिए। 

Ans-रबी फसल के उदाहरण- गेहूँ एवं चना। 


8.मिट्टी की तैयारी से सम्बधित किन्हीं दो औजारों के नाम लिखिए। 

Ans-कुदाल हल। 


9.जल-संरक्षण वाली कीन्हीं दो सिंचाइ पध्दतियों के नाम लिखिए। 

Ans-(1)ड्रिपइरीगेशन, 

(11)छिड़काव तंत्र। 


10.साइलो क्या है? 

बीजों को बड़े पैमाने पर भंडारण करने वाले गृह को साइलो कहते हैं। 


11.निम्न पर अपने शब्दों में एक-एक पैराग्राफ लिखिए। 

(1)मिट्टी तैयार करना

(11)बुआई

(111)निराई


(1)मिट्टी तैयार करना- खेत की जुताई करके मिट्टी को समतल तथा ऐसा बना देना ताकि उसमें बीजों का अंकुरण व पौधों का विकास अच्छी प्रकार से हो सके मिट्टी की तैयारी कहलाता है। मिट्टी की तैयारी के अनेक लाभ होते हैं, जैसे कि जुताई से भूमि में रहने वाले कीट, लाखा आदि नष्ट हो जाते हैं। भूमि नर्म व पोली हो जाती है;भूमि में हवा को संचार बढ़ जाता है;जताई करने से खरपतवार भी नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार खेती करने के अनेक प्रक्रमों में मिट्टी को तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रम हैं। 


(11)बुआई-मिट्टी को तैयार करने के पश्चात खेत में बीज बाए जाते हैं। खेत में बीज बोना (उचित दूरी व गहराई पर)बुआई कहलाती है। बुआई का सबसे पहला एवं महत्वपूर्ण चरण है-अच्छी गुणवता, अच्छी किस्म के साफ एवं स्वस्थ बीजों को उचित गहराई तथा उचित दूरी पर बोना चाहिए ताकि प्रत्येक पौधे को पर्याप्त हवा प्रकाश, खनिज व पानी मिल सके। 


बुआई विभिन्न विधियों द्वारा की जाती है-

(क)छरहरा (ख)सिड-ड्रिल तथा (ग)प्रतिरोण विधि। 


(111)निराई-फसलों के साथ उगे हुए अवांछित पौधों को फसल से उखाड़ कर बहार निकालने के खुरपा, कस्सी, कसोला आदि औजारों का इस्तेमाल किया जाता है। हम जानते हैं कि खरपतवार खेत में फसल के साथ उगकर फसल को नुकसान पहुँचाते हैं क्योंकि वह फसल के पौधों के साथ जल, स्थान, सूर्य के प्रकाश, खनिज लवन के पौधों के साथ जल, स्थान, सूर्य के प्रकाश, खनिज लवण आदि सभी के लिए प्रतिस्पर्धा करते है, जिससे फसल कमजोर होती है। अत: अच्छी उत्पादन के लिए निराई एक अति अवश्यक चरण है। निराई की विभिन्न विधियाँ है जैसे-खरपतवार को हाथों से उखाड़ना, यंत्रों से निराई तथा खरपतवार नाशियों का प्रयोग। 


12.खरपतवार क्या है? उनका नियंत्र कैसे कर सकते हैं। 

Ans-खरपतवार-खेत में फसलों के साथ उगे अवांछित पौधे जो फसल के पौधे के साथ जल, स्थान, खनिज लवण आदि सभी के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं खरपतवार कहे जाते हैं। खरपतवार की अधिक वृद्धि के कारण फसल का उत्पादन कम हो जाता है। इसलिए हमें खरपतवार का नियंत्रण करना चाहिए।


खरपतवार को नियंत्रण करने की निम्नांकित विधियाँ हैं- 


(क)खरपतवारनाशियों का इस्तेमाल करके- कुछ खरपतवारों को एक विशेष प्रकार के रसायनों के द्वारा नष्ट कर सलते है। इन रसायनों को खरपतवारनाशी कहते हैं। 

उदाहरण-मेटाक्लोर एवं 2,4-D, आदि 


(ख)खरपतवार को हाथों से उखाड़ना-इस विधि में खरपतवार को हाथों से जड़ से उखाड़ कर अलग-अलग किया जाता है। 


(ग)यंत्रों की सहायता से खरपतवार को उखाड़ना-इस विधि में खरपतवार को खुरपा, कसोला, कस्सी, हैरो आदि यंत्रों की सहायता से उखाड़कर फसलों से बहार निकालते हैं। 


13.सीड-ड्रिल क्या है? इससे क्या है? 

Ans-यह ट्रैक्टर द्वारा संचालित एक आधुनिक बुआई उपकरण है। इसके द्वारा बुआई किए जाने वाले बीजों में समान दूरी एवं गहराई बनी रहती है। इससे बुआई करने से समय और श्रम दोनों की बचत होती है। 


14.जुताई से क्या लाभ है? 

Ans-(1)जुताई से मिट्टी ढीली तथा भुरभुरी हो जाती है। इससे पौधों की जड़ों के नीचे गहराई तक जाने में आसानी होती है। 


(11)जुताई करने से मिट्टी की जलधारा क्षमता बढ़ जाती है। 


(111)विभिन्न प्रकार के खरपतवार भी जताई के दौरान जड़ से उखड़ जाते है। तथा नष्ट हो जाते हैं। 



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