मुगल साम्राज्य Social Science Class 7th Chapter-4 Ncert

मुगल साम्राज्य Social Science Class 7th Chapter-4 Ncert

इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पी प्रश्न-उत्तर का हल दिया गया है। वार्षिक परीक्षा में शामिल होने से पहले इन प्रश्नों की तैयारी अवश्य कर लें। हमारा वेबसाइट नॉट एनo सीo ईo आरo टी में कक्षा सात के सभी विषयों के प्रश्न उत्तर उपलब्ध है तथा इन सब को तैयार करते समय बहुत सावधानी बरती गई है फिर भी पुस्तक का सहारा अवश्य लें क्योंकि यहां पर उपलब्ध जानकारी से किसी भी प्रकार की हनी के लिए इस वेबसाइट के कर्ता-धर्ता जिम्मेदार नहीं होंगे।


1.रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:-

(i)मुगल वंश का संस्थापक बाबर था। 
(ii)आगरा में ताजमहल और दिल्ली का लालकिला शाहजहाँ ने बनवाया। 
(iii)सासाराम का मकबरा शेरशाह सूरी ने बनवाया। 
(iv)दीन-ए इलाही का प्रवर्तक अकबर था। 
(v)राजकुमार सलीम बाद में जहाँगीर कहलाया। 
(vi)मुगल शासक  हुमायूँ  की मृत्यु पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरने से हुई। 

2.मुगल शब्द का क्या अर्थ है? 

Ans-मुगल शब्द  लैटिन भाषा के शब्द Mong से बना है। जिसका शाब्दिक अर्थ है-बहादूर मुगल वंश का संस्थापक बाबर था। 

3.बाबर का संबंध किन वंशों से था? 

Ans-बाबर पिता की और से ईरान, इराक व तुर्की के शासक तैमूर का पांचवां और माता की और से चीन व मध्य एशिया के मंगोल शासक चंगेज खान का चौदहवाँ वंशज था। उसके व्यक्तीत्व में मंगोल-तुर्की परपराओं एवं आदर्शों की झलक मिलती है। बारब का संबंध मुगल वशों से था। 

4.शेरशाह को शेर खाँ की उपाधि क्यों मिली थी? 

Ans-शेरशाह के बचपन का नाम फरीद था। उसके पिता हसन खाँ सासाराम(बिहार)के जागीरदार था। दक्षिण बिहार के सबेदार बहार खान लोहनी ने उसे एक शेर के आक्रमण से रक्षा करने के उपलब्ध में शेर खाँ की उपाधि दी थी। 

5.प्रारंभिक समय में अकबर ने किसकी देखरेख में शासन किया? 

Ans-13 वर्ष की आयु में ही हुमायूँ के पुत्र अकबर को राजगद्दी सँभालनी पड़ी। अपने पिता हुमायूँ की मृत्यु के समय वह पंजाब के कलानौर नामक स्थान पर था। उसके संरक्षक बैरम खाँ ने उसे वहीं ईंटों का साधारण-सा मंच बनाकर हुमायूँ का उत्तराधिकारी घोषित किया। राज्यरोहण के बाद चार वर्षों तक उसने बैरम खाँ  की देखरेख में राज-काज किया। 

6.जहाँगीर के शासन पर किसका प्रभाव बढ़ गया था? 

Ans-जहाँगीर की पत्नी का नाम नूरजहाँ (मेहरुन निशा) था। जहाँगीर के दरबार एवं शासन पर नूरजहाँ का काफी प्रभाव था। 

7.मुगल प्रशासन में मीर बख्शी का क्या कार्य था? 

Ans-मीर बख्शी सर्वोच्च वेतन अधिकारी था। मीर बख्शी का प्रमुख कार्य सैनिकों की भर्ती, उसका हुलिया रखना रसद प्रबंध, सेना में अनुशासन रखना तथा सैनिकों के लिए हथियारों तथा हाथी-घोड़े का प्रबंध करना था।

8.शेरशाह ने जनकल्याण के लिए कौन-कौन से कार्य किये? 

Ans-शेरशाह के प्रशासन की एक महान उपलब्धि सड़कों तथा सरायों का निर्माण करना था। उसने राजधानी तथा मुख्य नगरों को जोड़नेवाली सड़कों का निर्माण काया। इससे सम्राज्य के सुदृढ़ीकरण के साथ व्यापार तथा आवागमन की भी उन्नति हुई। कलकत्ता से पेशावर तक बनवाया गया गैंड ट्राक रोड उसके दिमाग की बड़ी उपज थी। झारखंड से भी या सड़क गुजरती है। जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग 2 के नाम से जाना जाता है। शेरशाह ने मार्गों में प्रत्येक दो कोस पर एक सराय का निर्माण कराया। जहाँ ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती थी प्रत्येक सराय में चौकीदार, डाक सेवक और दो घोड़े सदैव तैयार होता था। शेरशाह की इन सड़कों तथा सरायों को साम्राज्य की धमनियाँ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उसने करीब 1700 सरायों का निर्माण कराया था। सड़कों तथा सरायों अतिरिक्त उसने अनेक भवनों और कई अस्पतालों का भी निर्माण कराया। 

9.अकबर को महान शासक क्यों कहा जाता है? 

Ans-अकबर विश्व के महान सम्राटों में से एक था। उसके राज्यरोहण से भारतीय इतिहास के एक नए युग का उदय हुआ। यह युग शांति और स्मृध्दि का था। अकबर ने राजनीतिक, धार्मिक, आर्थिक, सामाजिक तथा कला के क्षेत्र में सामजस्य और समन्वय की नीति द्वारा एक सामाजिक संस्कृति का विकास किया। इसमें सभी वर्गो का योगदान था। इससे सभी में राष्ट्रीय भावना उत्पन्न हुई और सभी क्षेत्रों में एकता स्थापित हुई। अत: वास्ताविक अर्थों में वह एक राष्ट्रीय सम्राट था। अकबर ने साम्राज्य में शांति तथा। समरसता स्थापित करने के लिए धार्मिक उदारवाद की नीति का अनुसरण किया। अकबर ने तीर्थ-यात्रा कर तथा जजिया कर को समाप्त करके हिंदुओं को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान की। यह धार्मिक स्वतंत्रता अकबर की महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। विभिन्न धर्मावलंबियों के बीच सामाजिक एकता कायम करने के लिए उसने कई उपाय किए। 

10.क्या शाहजहाँ का शासनकाल मध्यकालीन भारत का स्वर्णयुग था। 

Ans-शाहजहाँ के राज्यरोहण से मुगलों की दक्षिण नीति का नवीन युग आरंभ हुआ। अहमदनगर का बड़ा हिस्सा मुगल साम्राज्य में मिला लिया गया। बीजापुर और गोलकुंडा ने मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली। वास्तुकला के दृष्टकोण से शाहजहाँ का शासनकाल मध्यकालीन भारतीय इतिहास का "स्वर्ण युग" कहलाता है। आगरा का ताजमहल, दिल्ली का लाल किला एवं जामा मस्जिद का निर्माण शाहजहाँ ने करवाया। 

11.मुगलों की सैन्य व्यवस्था किस पर आधारित थी। 

Ans-मुगल साम्राज्य में सुचारु रूप से प्रशासन चलाने के लिए अधिकारयों की व्यवस्था की गयी थी। इनमें से कुछ प्रमुख है-वजीर-यह साम्राज्य का प्रधानमंत्री होता था। उसे सैनिक तथा असैनिक अधिकार प्राप्त थे। अकबर के काल में वजीर को 'वकील' और वितमंत्री को  'वजीर' कहा जाता था। 
मीर- बख्शी-मीर बख्शी सर्वच्च वेतन अधिकारी था। मीर बख्शी का प्रमुख कार्य सैनिक को भर्ती उसका हुलिया रखना, रसद प्रबंध, सेना में अनुशासन रखना, तथा सैनिक के लिए हथियारों तथा हाथी घोड़े का प्रबंध करना था 
सद्र-उस-सुदूर-यह धार्मिक मामलों में बादशाह का सलाहकार होता था। वह धार्मिक मामलों में बादशाह का सलाहकार  होता था। वह धार्मिक मामलें, धार्मिक धन-संपति एवं दान विभाग का प्रधान होता था। 

12.मुगल काल में किन वस्तुओं का आयात-निर्यात किया जाता था। 

Ans-मुगल में सड़कें और नदियाँ यातायात के मार्ग थे। मुगल साम्राज्य के सभी प्रमुख केंद्र सड़कों द्वारा जुड़े हुए थे। सड़कों पर सुरक्षा का प्रबंध था। यात्रियों के आराम के लिए सड़कों के किनारे छाया वाले पेड़ सरायें, कुएं आदि बनाये जाते थे। सूरत मुगलकाल की बंदरगाह थी। मुगलकल में विदेश व्यापार में बहुत वृद्धि हुई। व्यापार एशिया तथा यूरोया के विभिन्न भागों से होता था। आयात की मुख्य अस्तुएं सोना, घोड़े धातु हाथी दाँत बहुमुल्य पत्थर मखमल इत्र आदि थी। नियति की अस्तुओं में सूती कपड़ा काली मिर्च मसाले आदि प्रमुख थे। मुगल बादशाह ने साम्राज्य के अनेक प्रमुख नगरों में टकसाले खोली थी। 


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