बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' का जीवन परिचय Balkrishna Sharma Naveen ka jeevan parichay

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' का जीवन परिचय Balkrishna Sharma Naveen ka jeevan parichay

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' का जीवन परिचय Balkrishna Sharma Naveen ka jeevan parichay

नाम-बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' 

जन्म-8 दिसम्बर 1897

जन्म स्थान-भयाना ग्राम, ग्वालियर 

मृत्यु-29 अप्रैल 1960 

कर्म भूमि-भारत

भाषा-ब्रजभाषा, खड़ीबोली, संस्कृत, 

विधालय का नाम-माधव कॉलेज (उज्जैन) क्रास्ट चर्च कॉलेज (कानपुर) 

शिक्षा-स्नातक

नागरिकता-भारतीय

जीवन परिचय:-

कवि बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' जन्म 8 दिसम्बर 1897 को भयाना ग्राम के ग्वालियर में हुआ था। 'नवीन' प्रभावशाली और ओजस्वी वक्ता थे। राजनीतिक कार्यकर्ता के समान ही पत्रकार के रूप में भी इन्होंने सारा जीवन कार्य किया। राजनीति एवं पत्रकार के समान्तर इनका तीसरा पथ था कवि का। उनके कवि का मूल स्वर रोमांटिक था, जिसे वैष्णव संस्कारों की अध्यात्मिकता एवं राष्ट्रीय-जीवन का विद्रोही कण्ठ बराबर अनुकूलित करता रहा। उन्होंने जब लिखना प्रारम्भ किया तब द्विवेदी युग समाप्त हो रहा था। उनकी 'कुमकुम' काव्यकृति में गीत संग्रह का मूल स्वर योवन और प्रेण्यावेग की भावना है। 

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की प्रमुख रचनाएं:-

  • कुमकुम 
  • उर्मिला
  • क्वासि
  • विनोबा स्तवन 
  • हम विषपायी जनम के
  • रश्मि-रेखा
  • अपलक आदि इनकी प्रमुख रचनाएं है। 

 बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की प्रमुख कविता:-

  • विद्रोही
  • क्रांति
  • विप्लव गान
  • हम अनिकेतन
  • ओ मजदूर किसान, उठो
  • शिखर पर
  • प्रिय, जीवन-नद अपार
  • सुनो, सुनो ओ सोने वाले। 
  • डाले वालो
  • हम है मस्त फ़कीर
  • अपना मृदु गोपाल
  • राखी की सुध
  • मंद ज्योति
  • एक बार तो देख 
  • पराजय-गीत
  • अरे तुम हो काल के भी काल

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की अन्य कविताएं:-

  पुरस्कार:-

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' को 1960 में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की वजह से उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। 

बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की मृत्यु:-

29 अप्रैल 1960 को बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' की मृत्यु हीई थी। 

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