जीवन की मौलिक इकाई Class 9th Science Chapter-5 Ncert

जीवन की मौलिक इकाई Class 9th Science Chapter-5 Ncert Question Answer

इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पी प्रश्न-उत्तर का हल दिया गया है। वार्षिक परीक्षा में शामिल होने से पहले इन प्रश्नों की तैयारी अवश्य कर लें। हमारा वेबसाइट नॉट एनo सीo ईo आरo टी में कक्षा नौ के सभी विषयों के प्रश्न उत्तर उपलब्ध है तथा इन सब को तैयार करते समय बहुत सावधानी बरती गई है फिर भी पुस्तक का सहारा अवश्य लें क्योंकि यहां पर उपलब्ध जानकारी से किसी भी प्रकार की हनी के लिए इस वेबसाइट के कर्ता-धर्ता जिम्मेदार नहीं होंगे।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 

प्रश्न 1.यदि गॉल्जी उपकरण न हो तो कोशिका के जीवन में क्या होगा? 

उत्तर-अंतद्रव्ययी जालिका में संश्लेषित गॉल्जी उपकरण में पैक किए जाते हैं और उन्हें कोशिका के बाहर तथा अंदर विभिन्न क्षेत्रों में भेज दिया जाता है।गॉल्जी उपकरण के द्वारा लाइसोसोम को भी बनाया जाता है। गॉल्जी उपकरण की पुटिकाओं में प्रदाथों का संचयन तथा रूपांतरण होता है। कुछ परिस्थित में गॉल्जी उपकरण में सामान्य शक्कर से जटिल शक्कर बनती है। 

प्रश्न 2.यदि प्लैज्म झिल्ली फट जाय अथवा टूट जाय तो क्या होगा? 

उत्तर-प्लैज्म झिल्ली कोशिका की बाहरी आवरण होती है। यह वर्णात्मक पारगम्य झिल्ली होती है जो कुछ पर्दर्थों को अंदर-बाहर आने-जाने देती है जबकि कुछ अन्य पदार्थों को नहीं। इस प्रकार उत्तर-प्लैज्म झिल्ली कोशिका के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।यदि प्लैज्म झिल्ली फट जाय तो कोशिका का जीवित रहना संभव नहीं है। 

प्रश्न 3.पादप कोशिकाओं में तुलना कारों? 

उत्तर-पादप कोशिकाओं तथा जंतु कोशिकाओं में निम्नलिखित प्रकार से तुलना की जा सकती है-

पादप कोशिका:-

(i)पादप कोशिका में कोशिका भित्ति उपस्थित होता है। 
(ii)इसमें हरित लवक उपस्थित होते है। 
(iii)इसमें बड़ी यक्तिका होती है। 

जंतु कोशिका:-

(i)जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति अनुउपस्थित रहता है। 
(ii)इसमें हरित लवक अनुउपस्थित होते है। 
(iii)इसमें कई छोटी यक्तिकाएं होती है। 

प्रश्न 4.प्रौकैरियोटी कोशिकाएं यूकैरियोटी कोशिकाओं से किस प्रकार भिन्न होती है? 

उत्तर-प्रौकैरियोटी कोशिकाएं यूकैरियोटी कोशिकाओं से निम्न प्रकार से भिन्न होती हैं-

प्रौकैरियोटी कोशिका:-

(i)ऐसी कोशिका में केंद्र बिना झिल्ली का होता है। 
(ii)अर्थात, इसमें सुस्पष्ट केंद्रक का अभाव होता है। 
(iii)इसमें झिल्लीयुक्त कोशिकांग अनुपस्थित होता है। 
उदाहरण-जीवाणु और नील हरित शैवाल। 

यूकैरियोटी कोशिकाओं:- 

(i)ऐसी कोशिका में केंद्रक एक झिल्ली से गिरी हुई होती है। 
(ii)इसमें सुस्पष्ट केंद्रक होता है। 
(iii)इसमें झिल्ली युक्त कोशिकाओं उपस्थित होता है। 
उदाहरण-पादप एवं जंतु कोशिका। 


प्रश्न 5.कोशिका झिल्ली की बनाने वाले लिपिड तथा प्रोटीन का संश्लेषण कहॉं होता है? 

उत्तर-चिकनी अंतद्रव्यी जालिका Smoot endoplasmic reticulum में लिपिड का संश्लेषण होता है। तथा खुरदरी अंतद्रव्यी जालिका पर लगे राइबोसोम पर प्रोटीन का संश्लेषण होता है।

प्रश्न6.अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करते है? 

उत्तर-अमीबा एंडोसाईटोसिस प्रक्रिया द्वारा अपना भिजन ग्रहण करता है। इस प्रक्रिया में अमीबा के कोशिका झिल्ली के लचीलेपन के कारण बाह्य पर्यावरण से अपना भोजन तथा अन्य पदार्थ ग्रहण करने में आसानी होती है क्योंकि जब भोज्य पदार्थ कोशिका झिल्ली के सम्पूर्ण में आता है तो लचीलेपन का कारण उसे घेर कर गुहा बना लेती है जो भोजन घर का कार्य करता है और जहाँ पाचन क्रिया सम्पन्न होती है। 

 प्रश्न 7.कोशिका का कौन-सा अंगक बिजलीघर है? और क्यों? 

उत्तर-माइटोकांड्रिया को कोशिका का बिजलीघर कहते है क्योंकि इसके भीतर खाद्य -पदार्थ का आक्सीकरण होता है जिससे ऊर्जा मुक्त होती है। यह ऊर्जा ATP (एडीनोसीन ट्राई-फास्फेट के रूप में एकत्र कर ली जाती है। इस ऊर्जा का उपयोग कोशिका के भिन्न क्रियाओं के सम्पन्न करने में होता है। 

प्रश्न 9.निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें:-

उत्तर-छिले हुए आधे-आधे आलू के चार टुकड़े लो इन चारों को खोखला करों जिससे कि आलू के कप बन जाएं। इनमें से एक कप को उबले आलू में बनाना है। आलू के प्रत्येक कप को जल वाले बर्तन में रखें अब

(a)कप 'A' को खाली रखो (b)कप 'B' में एक चम्मच चीनी डालों (c)कप 'C' में एक चम्मच नमक डालों तथा (d)उबले आलू से बनाएं कप 'D' में एक चम्मच चीनी दालों। आलू के इन चारों कपों को दो घंटे तक रखने के पश्चात उनका अवलोकान करों तथा निम्न प्रश्नों का उत्तर दो-(i)'B' तथा 'C' के खाली भाग में जल क्यों एकत्र हो गया? इसका वर्णन करों।(ii) 'A' आलू इस प्रयोग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।(iii) 'A' तथा 'B' आलू के खाली भाग में जल एकत्र क्यों नहीं हुआ?इसका वर्णन करें। 

उत्तर-(i)'B' तथा 'C' के खाली भाग में जल इसलिए एकत्र हो जाता है क्योंकि कच्चा आलू से बने दोनों कप अर्द्ध (वर्णत्मक) पारगम्य झिल्ली के दोनों ओर विभिन्न सांद्रता। वाले विलयन होते है। अत: परासरण से बाहर से जल कप में एकत्रित हो जाता है। 

(ii) 'A' आलू इस प्रयोग के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि परासरण तभी सम्भव है जब कि अर्द्ध पारगम्य झिल्ली के दोनों ओर विभिन्न सांद्रता वाले विलयन है। 

प्रश्न 10.कायिक वृद्धि एवं मरम्मत हेतु किस प्रकार के कोशिका विभाजन की आवश्यकता होती है तथा इसका औचित्य बताएं? 

उत्तर-सभी जीवधारियों में वृद्धि विकास जनन मरम्मत इत्यादि के लिए कोशिकाओं का बनना एक जैविक प्रक्रिया होती है। कोशिकाओं का निर्माण मूल कोशिकाओं के विभाजन से ही होता है।(i)सूत्री विभाजन (ii)अर्द्ध सूत्री विभाजन और (iii)असूत्री विभाजन। कायिक जनन एवं मरम्मत हेतु केंद्रक युक्त कोशिका दो नई जनन कोशिकाओं में विभाजित होती है। जिससे जीव में वृद्धि एवं मरम्मत की आवश्यकता की पूर्ति होती है। 

प्रश्न 11.युग्मकों के बनने के लिए किस प्रकार का कोशिका विभाजन होता है। 

उत्तर-जब कोशिका अर्द्ध सूत्रण द्वारा विभाजन होती है तो इससे दो की जगह चार नई कोशिकाएं बनती है। नई कोशिकाओं में मातृ कोशिकाओं की तुलना में गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है। 

अर्द्धसूत्री विभाजन का महत्व-(i)अर्द्धसूत्री विभाजन लैंगिक जनन करने वाले जीवधारियों में गुणसूत्रों की संख्या की संख्या को निश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

(ii)अर्द्धसूत्री विभाजन के द्वारा जीवधारियों में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आनुवांशिक गुणों में परिवर्तन हो जाता है। 
 
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