18वीं शताब्दी में उभरें नये राज्य Social Science Class 7th

18वीं शताब्दी में उभरें नये राज्य Social Science Class 7th Chapter-10 Ncert solution 

18वीं शताब्दी में उभरें नये राज्य  solution

1.रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
क.मुगल दरबार के सरदार हिंदुस्तानी और मुगल गुटों में बँट गये थे। 
ख.हैदराबाद राज्य का संस्थापक चिनकिलिच खां था। 
ग.स्वतंत्र बंगाल राज्य की स्थापना मुर्शिद कुली खां ने की। 
घ.सवाई राजा जयसिंह ने जयपुर को अपनी राजधानी बनायी।
ड०.अवध का अंतिम नवाब वाजिद अली शाह था। 
च.खालसा पंथ की स्थापना गुरु गोविंद सिंह ने की थी। 
छ.शिवाजी ने छत्रपति की उपाधि धारण की। 

2.सही मिलान कीजिए। 
राज्य              संस्थापक
अवध             चूड़ामन एवं बदन सिंह
मराठा            मुर्शिद कुली खां
बंगाल            सआदत खाँ
जाट               शिवाजी 

उत्तर यहाँ देखें-
अवध     सआदत खाँ   
मराठा     शिवाजी
बंगाल     मुर्शिद कुली खां
जाट        चूड़ामन एवं बदन सिंह

3.सही कथन के आगे (√) का एवं गलत कथन के आगे (X) का चिन्ह लगाई। 
क.गुरु गोविंद ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।(X) 
ख.मेवाड़ एक राजपूत राज्य था।(
ग.सूरजमल के नेतृत्व में जाट बेहद शक्तिशाली हो गए थे।() 
घ.सवाई जयसिंह दिल्ली के शासक थे।(X) 
ड०.मराठे चौथे और सरदेसमुखी कर वसूल करते थे।() 

4.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दिजीए। 

क.नादिर शाह के विजय के बाद किस प्रांतीय शासक ने आत्माहत्या कर ली। 
Ans-नदिरशाह के विजय के बाद सहादत खाँ ने आत्महत्या कर ली। 

ख. किसके शासनकाल में जाटों का शासन अपने चरमत्कर्ष पर पहुँच गया? 
Ans-सूरजमल के शासनकाल में जाटों का शासन अपने चरमोत्मर्ष पर पहुँच गया। 

ग.किस शासक के शासनकाल में सिक्ख शक्तिशाली हो गये थे? 
Ans-महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल में सिक्ख शक्तिशाली हो गये थे। 

घ.मराठे किस युध्द प्रणाली में अधिक पारंगत थे? 
Ans-मराठे छापामार (गुरिल्ला) युध्द प्रणाली में काफी पारंगत थे। 

आइए चर्चा करें:-

5.औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य क्यों बिखर गया? 
Ans-औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य के पतन का एक प्रमुख कारण गद्दी पर दुर्बल एवं अयोग्य बादशाहों का आना था। मुगल बादशाह की दुर्बलता का लाभ उठाकर प्रांतीय सूबेदार व मनसबदार अपने आप को शक्तिशाली बनाने में लग गये। इन पर नियंत्रण रखना केंद्रीय सत्ता के लिए कठिन हो गया। जैसे ही ये प्रांतीय सूबेदार राजनैतिक आर्थिक एवं सैन्य शक्ति के रूप में अपने को मजबूत किये प्रांतों पर इनका पूर्ण नियंत्रण स्थापित हो गया। उसने राजस्व पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया जिससे मुगल केंद्रीय सत्ता के राजस्व में भारी कमी आ गई। 

6.मुगल साम्राज्य के पतन के बाद किन नये राज्यों का उदय हुआ? इसके उदय के लिए कौन-से कारण उत्तरदायी थे?
Ans- मुगल साम्राज्य के पतन के बाद हैदराबाद, अवध, बंगाल, मेवाड़, मारवाड़ आदि नये राज्यों का उदय हुआ। मुगल साम्राज्य के दुर्बल शासकों ने मुगल वंश की शक्ति एवं प्रतिष्ठा नष्ट कर पतन का मार्ग प्रशस्त का दिया। मुगल साम्राज्य के कमजोर होते ही सूबेदारों एवं जमींदारों ने अपने आप को काफी शक्तिशाली बना लिया। वे नये राज्यों की स्थापना के लिए प्रयास करने लगे। उपरोक्त कारण ही नये राज्यों के उदय के लिए उत्तरदायी थे। 

7.सिक्खों को गुरु हरगोविंद ने लड़ाकू जाति के रूप में क्यों परिवर्तन किया? 
Ans-औरंगजेब के समय से ही सिक्ख पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे थे। सिक्ख जाति को एक लड़ाकू जाति के रूप में परिवर्तन करने का काम गुरु हरगोविंद ने किया था। गुरु गोविंद सिंह ने 1699 ई० में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इनके नेतृत्व में सिक्ख एक राजनेतिक एवं फौजी शक्ति के रूप में उभरे। उन्होंने राजपूत एवं मुगल शासकों के खिलाफ कई लड़ाईयाँ लड़ी। गुरु गोविंद सिंह की मृत्यु के पश्चात सिक्खों का नेतत्व बंदा बहादुर के हाथों में आ गया। उसने यमुना और सतलज नदियों के बिच के क्षेत्रों पर अपने आपको पहले जत्थों में और बाद में मिस्लों में गठित किया। इनकी संयुक्त सेनाएं "दल खालसा" कहलाती थी। नादिर शाह और अहमदशाह के आक्रमणों से उत्पन्न स्थितियों का लाभ उठाकर सिक्खों ने पंजाब में अपनी स्थिति सुदृढ़ कर ली थी। 

8.मराठों के उत्कर्ष के लिए भौगोलिक कारण सहायक सिध्द हुआ? 
Ans-शिवाजी के नेतृत्व में मराठा शक्ति का उत्थान मध्यकालनी भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी। मराठों का राजनीतिक उत्कर्ष औरंगजेब के शासन काल में हुआ। मराठों के उत्कर्ष के निम्नलिखित कारण थे। 
  1. महाराष्ट्र की भौगोलिक स्थिति जटिल थी। यह पहाडों, नदियों, जंगलों एवं अनुपजाऊ भूमि वाला क्षेत्र था। इस कारण यहाँ के लोग जुझाऊ होते थे। 
  2. मराठे पहाड़ी प्रदेश होने के कारण स्वस्थ एवं बल्कि होते थे। 
  3. मराठे छापामार युध्द शैली में काफी निपुण थे। 
9.बंगाल में राजधानी परिवर्तन क्यों किया गया? 
Ans-प्रशासनिक सुविधा के लिए अपनी राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद स्थानांतरित की। उसने अंग्रेज व्यापारी द्वारा किये जा रहे "दस्तक" के दुरुपयोग को रोकने का प्रयास किया। 

10.दस्तक क्या था? 
Ans-'दस्तक' एक शाही फरमान होता था। जिसे द्वारा व्यापारीयों को छुट प्राप्त होती थी। 

11.चौथ किसे कहा जाता था? 
Ans-चौथ किसी एक क्षेत्र को बर्बाद न करने के बदले दी जाने वाली रकम को चौथ कहा जाता था। 

12.सरदेशमुखी क्या है? 
Ans-सरदेशमुखी इसके हक का दावा करके शिवाजी स्वयं को सर्वश्रेष्ठ देशमुखी प्रस्तुत करना चाहते थे। यह आय का लगभग 1/10 होता था। 

13.सिक्ख कितने मिस्लों में विभाजित थे। 
Ans-सिक्ख 12 मिस्लों विभाजित थे। मिस्ल सिक्खों की प्रशासनिक इकाई थी इसमें सुकरचकिया मिस्ल प्रमुख था। 

14.सैयद बंधु शासक निर्माता किसके रूप में जाना जाता है? 
Ans-सैयद बंधु मुगलकालीन इतिहास में सैयद बंधु हुसैन अली खान एवं अब्दुल्लाह खान को शासक निर्माता (किंगमेकर) के रूप में जाना जाता है। 

15.ईरान का नेपोलियन किसे कहा जाता हैं? 
Ans-नादिरशाह को ईरान का नेपोलियन कहा जाता है। 

16.मुगल सत्ता की स्थापना कब और किसने की थी। 
 Ans-मुगल सत्ता की स्थापना 1526 ई. में बाबर ने की थी।

17.दक्कन में स्वतंत्र हैदराबाद राज्य का संस्थापक कौन था? 
Ans-दक्कन में स्वतंत्र हैदराबाद राज्य का संस्थापक चिनकिलिच खाँ था। 

18.मुगल साम्राज्य के अवशेषों पर उत्तर भारत में अवध के स्वतंत्र राज्य की स्थापना किसने की थी? 
Ans-मुगल साम्राज्य के अवशेषों पर उत्तर भारत में अवध के स्वतंत्र राज्य की स्थापना सआदत खाँ ने की थी। 

19.औरंगजेब के बाद मुगल दरबार के सरदार स्पष्टत: को कितने गुटों में बाटाँ गया
Ans-औरंगजेब के बाद मुगल दरबार के सरदार स्पष्टत: को दो गुटों में बाटाँ गया:-हिंदुस्तानी एवं मुगल। 

20.मुगल दल कितने वर्गों में विभ्क्त हो गया?
Ans-मुगल दल दो वर्गों में विभ्क्त हो गया:-तुरानी एवं ईरानी। 

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