प्रकाश (Light) class 8th Science chapter-9 Ncert

प्रकाश (Light) class 8th Science chapter-9 Ncert



खाली स्थानों को भरिए-
(i)यदि आप अपने बायें कान को दाहिने हाथ से छूते हैं समतल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब में आप अपने  बाए  कान को दाएं हाथ से छूते प्रतीत होंगे। 
(ii)एक व्यक्ति दर्पण से 1m की दूरी पर है।वह अपने प्रतिबिम्ब से  1  m की दूरी पर है। 
(iii)आपतन कोण  परावर्तन  कोण के बराबर होता है। 
(iv)आपतन कोण तथा परावर्तन कोण का मान  बराबर  होता है। 
(v)रेटिना पर बना प्रतिबिम्ब वस्तु के हटाने के पश्चात  सात  सेकेंड तक रेटिना पर रहता है।
(vi)पुतली का आकर कम रौशनी में अधिक हो जाता है। 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दिजीए:-

1.किस प्रकार वस्तुएं दृश्य बनती हैं? 
Ans-यधपि हम नेत्र से चारों ओर स्थित विभिन्न वस्तुओं को देखते हैं, परंतु अंधेरे में हम वस्तुओं को नहीं देख सकते हैं। वस्तुओं को देखने के लिए प्रकाश की भी आवश्यकता होती है। अस्तुओं को हम तभी देख सकते है जब स्वयं वस्तु से या उनसे प्ररावर्तित होकर आनेवाली प्रकाश की किरणें हमारे नेत्रों में प्रवेश करती हैं। अत: प्रकाश से वस्तुएं दृश्य बनती हैं। प्रकाश की किरणें जिन प्रकाशित वस्तुओं से आती हैं अथवा जिन वस्तुओं से प्ररावर्तित होकर हमारे नेत्रों में प्रवेश करती हैं, उन्हें ही हम देख पाते हैं। 

2.मान लिजिए आप एक अंधेरे कमरे में हैं। क्या आप कमरे में वस्तुओं को देख सकते है। क्या आप कमरे के बाहर वस्तुओं को देख सकते हैं। व्याख्या कीजिए। 
Ans-चुँकि कमरे में प्रकाश नहीं है इसलिए हम कमरे के अंदर वस्तुओं को नहीं देख सकते हैं। यदि कमरे के बाहर प्रकाश हो तो हम खिड़की के शीशे से, से बाहर की वस्तुओं को देख सकते हैं। 

3.नियमित तथा विसरित परा परावर्तन में अंतर बताइए। क्या विसरित परावर्तन का अर्थ है कि परावर्तन के नियम विफल हो गए है? 
Ans-दर्पण जैसे चिकने पृष्ठ से होने वाले परावर्तन को नियमित परावर्तन कहते है।इस प्रकार के परावर्तन में सभी समांतर किरणें प्रावर्तित होने के पश्चात समांतर ही रहती है। 

विसरित परावर्तन:-खुदरे पृष्ठ से होने वाले परावर्तन को विसरित परावर्तन कहते है।इस प्रकार के परावर्तन में सभी समांतर किरणें प्रावर्तित में भी होता है। विसरित परावर्तन में पृष्ठ खुरदरे रहने के कारण प्रावर्तित किरणें समांतर नहीं रखती हैं। 

4.प्रदीप्त तथा अप्रदीप्त वस्तुएं-
Ans-वे वस्तुएं जो प्रकाश उत्सर्जित करती हैं प्रदीप्त वस्तुएं कहलाती हैं। जैसे-सूर्य तारे, प्रकाशित विधुत बल्ब, आग,जलती हुई मोमबत्ति इत्यादि। वे वस्तुएं जो प्रकाश उत्सर्जित नहीं करती हैं अप्रदीप्त वस्तुएं कहलाती हैं। जैसे-चन्द्रमा, ग्रह लकड़ी,पुस्तक, मानव, दर्पण, दीवार इत्यादि। हमारे चारों ओर स्थित अधिकांश वस्तुएं अप्रदीप्त वस्तुएं हैं। अप्रदीप्त वस्तुओं को हम तभी देख सकते हैं, जब प्रकाश उन वस्तुओं से परावर्तित होकर हुमारी आँखों में प्रवेश करती है। 

5.प्रकाश किरण किसे कहते हैं? 
Ans-प्रकाश किरण  का अस्तित्व एक अदर्शीकरण है। वास्तव में हमें प्रकाश का एक संकीर्ण किरण-पुंज प्राप्त होता है, जो अनेक किरणों से मिलकर बना होता है। सरलता के लिए हम प्रकाश के संकीर्ण किरण-पुंज को प्रकाश किरण कहते हैं। 

6.कैलाइडोस्कोप की रचना वर्णन कीजिए। 
Ans-कैलाइडोस्कोप एक बेलनकार ट्यूब होती है जिसमें दर्पण की तीन आयतकार पट्टियाँ प्रिजम की आकृति में लगा होता है। ट्यूब के एक सिरे को एक ऐसी डिस्क से बंद कर देते है जिसमें अंदर का दृश्य देखने के लिए छिद्र बना हो। ट्यूब के दूसरे सिरे पर समतल काँच की एक वृत्ताकार प्लेट दर्पणों को छूते हुए लगा देते हैं। इस प्लेट पर छोटे-छोटे रंगीन काँच  के टुकड़े रख देते हैं जिनकी बहुप्रतिबिंब दिखाई देती है। इस प्रकार कैलाइडोस्कोप की रचना कर लेते हैं। 

7.वर्णन कीजिए कि आप अपने नेत्रों की देखभाल कैसे करेंगे। Ans-नेत्रों की देखभाल निम्नलिखित तरीकों से की जा सकती है-
  • सूर्य या किसी शक्तिशाली प्रकाश स्त्रोंत को कभी भी सीधा नहीं देखना चाहिए। 
  • नेत्रों में धूल के कण गिर जाने पर स्वच्छ जल से धोना चाहिए।नेत्रों को कभी भी रगड़ना नहीं चाहिए। 
  • पठन सामाग्री को सदैव दृष्टि की सामान्य दूरी पर रखकर पढ़ना चाहिए। 
  • विटामिन A नेत्रों के लिए आवश्यक है। अत: विटामिन A युक्त खाद्य पदार्थ जैसे-दूध, पालक, आम, गाजर आदि पर्याप्त मात्रा में लेनी चाहिए। 
  • बहुत अधिक या बहुत कम प्रकाश नेत्रों के लिए हानिकारक है। हमें उपयुक्त प्रकाश में ही पढ़ना चाहिए। 
  • नेत्र संबन्धी किसी समान्य होने पर हमें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

8.यदि दो समांतर समतल दर्पण एक-दूसरे से 40cm के अंतराल पर रखें हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ति के कितने प्रतिबिंब बनेंगे। 
Ans-यदि दो समांतर समतल दर्पण एक-दूसरे से 40cm के अंतराल पर रखें हों तो इनके बीच रखी एक मोमबत्ति के अनंत प्रतिबिंब बनेंगे। 

9.मानव नेत्र का एक रेखाचित्र बनाए। 
मानव नेत्र का एक रेखाचित्र


10.गुरमीत लेजर टॉर्च के द्वारा क्रियाकलाप 16.8 को करना चाहता था। उसके अध्यापक ने ऐसा करने से मना किया क्या आप अध्यापक की सलाह के आधार की व्याख्या कर सकते है। 
Ans-क्योंकि लेजर टॉर्च से लेजर प्रकाश उत्पन्न होता है जिसकी तिव्रता बहुत अधिक होती है और इस प्रकाश को सीधे नंगी आँखों से देखने से आँख खराब हो सकता है। इसलिए अध्यापक महोदय ने गुरमीत को ऐसा करने से मना किया। 

हमारें इस पोस्ट को पढ़ने के लिए धन्यवाद। अगर आपको इससे कोई मदत मिली हो तो कमेंट जरूर करें और साथ ही अपने दोस्तों के साथ शेयर भी करें।

Post a Comment

Previous Post Next Post

Offered

Offered